Chandrayaan-3 latest news चंद्रयान-3 के लिए आज का दिन बेहद अहम, जानें कब करेगा चांद पर लैंड?

Chandrayaan-3 latest news चंद्रयान 3 को लेकर सामने आई बड़ी खबर, कल चंद्रयान के साथ ये होगा!

हेलो दोस्तों नमस्ते आज हम आपको इस पोस्ट में Chandrayaan-3कि एक लेटेस्ट अपडेट देने वाले हैं अंतरिक्ष से एक अच्छी खबर सामने आई है! इसरो ISRO ने गुड न्यूज़ देते हुए बताया है कि चंद्रयान 3 चाँद की चौथी कक्षा में पहुंच चुका है और चाँद की दूरी अब बस 177 किलोमीटर की ही रह गई है!

और अगर सब कुछ ठीक रहा तो 23 अगस्त सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही अंतरिक्ष में पहुंचकर चंद्रयान एक नया इतिहास लिख देगा! 14 अगस्त के दिन सुबह 12:00 बजे चंद्रयान 3 के थ्रस्टर को ऑन किया था इंजनों को करीब 18 मिनट के लिए ऑन किया गया! 150*177 किलोमीटर वाली गोलाकार कक्षा में घूम रहा है. 

here is the LVM3-M4-Chandrayaan-3 Mission timeline in Hindi, in a table format:

दिनांक घटना
18 अगस्त 2023 लैंडर मॉड्यूल को प्रोपल्शन मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अलग किया गया। 18 अगस्त को धीमा करना (deboosting) योजनाबद्ध है।
16 अगस्त 2023 153 किमी x 163 किमी की कक्षा में अंतरिक्ष यान है, जो 16 अगस्त को फायरिंग के बाद है।
14 अगस्त 2023 मिशन कक्षा परिचालन चरण में है। अंतरिक्ष यान 151 किमी x 179 किमी की कक्षा में है।
9 अगस्त 2023 8 अगस्त को किए गए एक युद्धाभ्यास के बाद चंद्रयान-3 की कक्षा को 174 किमी x 1437 किमी तक कम कर दिया गया है।
6 अगस्त 2023 LBN#2 सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अंतरिक्ष यान चंद्रमा के चारों ओर 170 किमी x 4313 किमी की कक्षा में है।
5 अगस्त 2023 चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में डाला गया। इच्छित रूप से 164 किमी x 18074 किमी की कक्षा प्राप्त की गई है।
1 अगस्त 2023 अंतरिक्ष यान को ट्रांसल्यूनर कक्षा में डाला गया है। प्राप्त की गई कक्षा 288 किमी x 369328 किमी है। चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश (LOI) 5 अगस्त 2023 की योजना है।
25 जुलाई 2023 25 जुलाई को कक्षा में वृद्धि युद्धाभ्यास किया गया। अगला फायरिंग (ट्रांसल्यूनर इंजेक्शन), 1 अगस्त 2023 की योजना है।
22 जुलाई 2023 चौथी कक्षा में वृद्धि युद्धाभ्यास (पृथ्वी-आधारित उपभू कक्षीय फायरिंग) पूरा हुआ। अंतरिक्ष यान अब 71351 किमी x 233 किमी की कक्षा में है।
17 जुलाई 2023 दूसरी कक्षा में वृद्धि युद्धाभ्यास किया गया। अंतरिक्ष यान अब 41603 किमी x 226 किमी की कक्षा में है।
15 जुलाई 2023 पहली कक्षा में वृद्धि युद्धाभ्यास (पृथ्वी-आधारित फायरिंग-1) आईएसटीआरएसी/इसरो, बेंगलुरु में सफलतापूर्वक किया गया। अंतरिक्ष यान अब 41762 किमी x 173 किमी की कक्षा में है।
14 जुलाई 2023 LVM3 M4 वाहन ने चंद्रयान-3 को कक्षा में सफलतापूर्वक लॉन्च किया। चंद्रयान-3, अपनी सटीक कक्षा में, चंद्रमा की यात्रा शुरू कर चुका है। अंतरिक्ष यान का स्वास्थ्य सामान्य है।
11 जुलाई 2023 ‘लॉन्च रिहर्सल’, जो पूरे लॉन्च की तैयारी और प्रक्रिया को 24 घंटे तक अनुकरण करता है, को समाप्त कर दिया गया है।
7 जुलाई 2023 वाहन विद्युत परीक्षण पूरा हुआ। नागरिक SDSC-SHAR, श्रीहरिकोटा में लॉन्च व्यू गैलरी से लॉन्च को देखने के लिए यहां पंजीकरण करके आमंत्रित हैं।
6 जुलाई 2023 लॉन्च 14 जुलाई 2023 को दोपहर 2:35 बजे IST से SDSC-SHAR, श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से निर्धारित है।

Chandrayaan-3 latest news Chandrayaan-3 ने पहली तश्वीर कब भेजी थी 

chandrayaan-3 ने पहली तश्वीर कब भेजी थी 

चंद्रयान चांद के चारों तरफ उन्नीस सौ किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से चक्कर लगा रहा था इसके बाद 9 अगस्त को तीसरी बार ऑर्बिट बदली गई चांद की सतह से 174 किलोमीटर गुना 1437 किलोमीटर की ओर में घूम रहा था Chandrayaan-3 के इंजनों से फायरिंग करवा रहा है SPPED कम करने के लिए उल्टी दिशा में जा रहा है

इसके बाद 16 अगस्त सुबह 8:30 पर पांचवी कक्षा में बदला जाएगा एक चाहिए इसके इंजन ऑन किए जाएंगे और LENDAR  मौजूद अलग होंगे. दोनों चंद्रमा के चारों तरफ 100 किलोमीटर की 18 अगस्त की दोपहर 3:45 से 4:00 के बीच मौजूद थी और मीटिंग होगी उसकी कक्षा की ऊंचाई में कमी लाई जाएगी 

23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेगा सब कुछ सही रहा तो 5:45 बजे की सतह पर उतरेगा इसरो के बेंगलुरु में मौजूद सेंटर टेलिमेटरी ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क यानी कि आई एस टी आर ए सी के मिशन ऑपरेशन कंपलेक्स mox से लगातार Chandrayaan-3 की सतह पर नजर रखी जा रही है फिलहाल chandrayaan-3 के सभी यंत्र सही तरीके से काम कर रहे हैं और 23 अगस्त को सफलतापूर्वक चांद पर LENDING करेगा पर आपकी क्या राय है.

यह Chandrayaan-3 चंद्रयान-3 के बारे में जानकारी देने वाली एक तालिका है:

तथ्य जानकारी
लॉन्च की तारीख 14 जुलाई, 2023
लॉन्च स्थल सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश, भारत
रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM-3)
यान चंद्रयान-3
लैंडर विक्रम लैंडर
रोवर प्रज्ञान रोवर
उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग करना, रोवर को तैनात करना, और वैज्ञानिक प्रयोग करना
सफलता 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा पर सुरक्षित लैंडिंग संभावना 

चंद्रयान-3 एक सफल मिशन है और भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह मिशन भारत को Chandrayaan 3 अगर चंद्रमा पर लैंड करता है तो वह चौथा देश बन सकता है। चंद्रयान-3 ने वैज्ञानिक रूप से भी बहुत कुछ हासिल किया है.

चंद्रयान-3 Chandrayaan-3 अभी चंद्रमा की सतह पर है. इसे 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतारा जायेगा. चंद्रयान-3 में एक रोवर, प्रज्ञान शामिल है, जो चंद्रमा की सतह का पता लगाएगा और मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र करेगा. चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक उपकरण चंद्रमा के बारे में

कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे, जैसे कि चंद्रमा पर पानी की उपस्थिति, चंद्रमा के वायुमंडल की संरचना, चंद्रमा की भूविज्ञान और चंद्रमा के भूगर्भशास्त्र. यह जानकारी अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान देगी और चंद्रमा के भविष्य के अन्वेषण में मदद करेगी.

चंद्रयान-3 Chandrayaan-3 के वैज्ञानिक उपकरण इस प्रकार हैं:

उपकरण का नाम कार्य
चंद्र द्रव पदार्थ एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (CLAMS) चंद्रमा की सतह और उपसतह से पानी के अणुओं का पता लगाना
चंद्र द्रव पदार्थ गैलवेनोमीटर (CLGF) चंद्रमा की सतह और उपसतह से विद्युत धाराओं का पता लगाना
चंद्र द्रव पदार्थ सोनार (CLS) चंद्रमा की सतह और उपसतह की बनावट का अध्ययन करना
चंद्र द्रव पदार्थ माइक्रोस्कोप (CLSM) चंद्रमा की सतह और उपसतह से मिट्टी और चट्टानों के नमूनों का अध्ययन करना
चंद्र द्रव पदार्थ गुरुत्वाकर्षण माप (CGLM) चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का अध्ययन करना
चंद्र द्रव पदार्थ रसायन विज्ञान (CLC) चंद्रमा की सतह और उपसतह से रासायनिक तत्वों का पता लगाना
चंद्र द्रव पदार्थ भूविज्ञान (CLGG) चंद्रमा की भूविज्ञान का अध्ययन करना
चंद्र द्रव पदार्थ भूगर्भशास्त्र (CLGB) चंद्रमा के भूगर्भशास्त्र का अध्ययन करना

Chandrayaan-3 को लांच करने में कितना खर्चा आया?

चंद्रयान-3 के लॉन्च की कुल लागत 615 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) है. इसमें उपग्रह के निर्माण, लॉन्च वाहन और लॉन्च लागत शामिल है. चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्र मिशन है और यह चंद्रमा की सतह पर लैंड करने वाला भारत का पहला रोवर है.

चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल का मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह भारत को चंद्रमा की सतह पर उतारने वाला दूसरा देश बना देगा. चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल के मिशन से भारत को चंद्रमा के बारे में अधिक जानने में मदद मिलेगी.

Chandrayaan-3 चंद्रयान-3 लाइव अपडेट: सॉफ्ट लैंडिंग के लिए विक्रम लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अलग हो गया

Chandrayaan-3 चंद्रयान-3 लाइव अपडेट: सॉफ्ट लैंडिंग के लिए विक्रम लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अलग हो गया

FAQs about Chandrayaan-3 in Hindi:

  • चंद्रयान-3 क्या है?

चंद्रयान-3 भारत का एक अंतरिक्ष मिशन है जो चंद्रमा की सतह पर एक लैंडर और रोवर को उतारने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन होगा।

  • चंद्रयान-3 का उद्देश्य क्या है?

चंद्रयान-3 का उद्देश्य चंद्रमा की सतह का अध्ययन करना है, जिसमें पानी की संभावनाओं की खोज करना शामिल है। यह मिशन चंद्रमा के भूविज्ञान, खनिज विज्ञान और खगोल भौतिकी का भी अध्ययन करेगा।

  • चंद्रयान-3 कब लॉन्च होगा?

चंद्रयान-3 को 2023 में लॉन्च किया जाना है।

  • चंद्रयान-3 कहां से लॉन्च होगा?

चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।

  • चंद्रयान-3 में क्या शामिल है?

चंद्रयान-3 में एक लैंडर और एक रोवर शामिल है। लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और रोवर को तैनात करेगा। रोवर चंद्रमा की सतह पर अन्वेषण करेगा और वैज्ञानिक डेटा एकत्र करेगा।

  • चंद्रयान-3 का मिशन कब तक चलेगा?

चंद्रयान-3 का मिशन एक साल तक चलेगा।

  • चंद्रयान-3 का बजट क्या है?

चंद्रयान-3 का बजट 1000 करोड़ रुपये है।

  • चंद्रयान-3 का महत्व क्या है?

चंद्रयान-3 भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह भारत को चंद्रमा की सतह पर उतारने वाला दूसरा देश बना देगा। चंद्रयान-3 के मिशन से भारत को चंद्रमा के बारे में अधिक जानने में मदद मिलेगी।

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